गाजियाबाद: भारतीय वायुसेना 8 अक्टूबर 2025 को अपना 93वां स्थापना दिवस मनाने जा रही है। यह भव्य आयोजन गाजियाबाद के हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर होगा। तीन साल बाद हिंडन एयरबेस एक बार फिर इस ऐतिहासिक परेड का गवाह बनेगा, जिसमें परंपरा, आधुनिक तकनीक और भविष्य की सोच का शानदार संगम देखने को मिलेगा।
एयरफोर्स डे समारोह में दिखेगा पराक्रम
इस साल का वायुसेना दिवस देश की ताकत, अनुशासन और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनेगा। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह परेड को सलामी देंगे। समारोह में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस), थलसेना प्रमुख (सीओएएस), नौसेना प्रमुख (सीएनएस) और पूर्व वायुसेना प्रमुख भी शामिल होंगे।
यह आयोजन सिर्फ एक सैन्य परेड नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण होगा।
हिंदन एयरबेस पर परेड सुबह के समय शुरू होगी। कार्यक्रम दो चरणों में विभाजित है —
8 अक्टूबर को हिंडन एयरबेस पर परेड,
9 नवंबर को गुवाहाटी में फ्लाई पास्ट।
समारोह की शुरुआत ‘ध्वज फ्लाई पास्ट’ से होगी, जिसमें एमआई-171(वी) हेलीकॉप्टर भारतीय तिरंगा, वायुसेना का ध्वज और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का झंडा लेकर आकाश में उड़ान भरेगा। यह दृश्य हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ हुई सफल कार्रवाई की याद ताज़ा करेगा।
एयर वॉरियर ड्रिल टीम का आकर्षण
परेड का सबसे रोमांचक हिस्सा होगा वायुसेना की प्रसिद्ध ‘एयर वॉरियर ड्रिल टीम’, जिसमें 18 वायु योद्धा सटीकता और तालमेल के साथ राइफल ड्रिल कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। यह प्रदर्शन वायुसेना के अनुशासन, दक्षता और अदम्य साहस का परिचय देगा।
‘हैरिटेज फ्लाइट’ में दिखेगा गौरवशाली इतिहास
‘हैरिटेज फ्लाइट’ के तहत पुराने युद्धक विमान आसमान में करतब दिखाएंगे। ये विमान भारत की वायुशक्ति की गौरवशाली यात्रा को दर्शाएंगे — 1947 के पहले युद्ध से लेकर आज तक की कहानी। दर्शक पुराने और आधुनिक विमानों का संगम देखकर गर्व महसूस करेंगे।
18 स्वदेशी इनोवेशन से झलकेगा ‘आत्मनिर्भर भारत’
इस बार वायुसेना की ‘इनोवेशन सेल’ में 18 नई तकनीकी खोजों का प्रदर्शन होगा। इनमें ड्रोन, रडार सिस्टम और आधुनिक हथियारों की स्वदेशी तकनीकें शामिल हैं। ये नवाचार वायुसेना की “Make in India” और “Atmanirbhar Bharat” की भावना को मजबूती देंगे।
‘वॉक थ्रू’ सेक्शन में वायुसेना की उपलब्धियां
‘वॉक थ्रू’ सेक्शन में बीते वर्ष की प्रमुख उपलब्धियां प्रदर्शित होंगी — जैसे असम और सिक्किम की बाढ़ राहत में मानवीय सहायता, अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभ्यासों में भागीदारी और सफल अभियानों की झलक। यह भाग आम नागरिकों को बताएगा कि कैसे भारतीय वायुसेना न केवल युद्ध में बल्कि संकट के समय भी देश के साथ खड़ी रहती है।
93वें स्थापना दिवस पर देशभक्ति की गूंज
भारतीय वायुसेना का यह 93वां स्थापना दिवस सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि राष्ट्र गौरव, पराक्रम और तकनीकी श्रेष्ठता का उत्सव है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी सफलताओं से प्रेरित यह आयोजन देश को एकजुट करेगा और आने वाली पीढ़ियों को ‘वायुसेना की वीरता’ की याद दिलाएगा।