नई दिल्ली: दिल्ली में कॉलोनियों में दूषित पानी की आपूर्ति को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस गंभीर मामले में दिल्ली जल बोर्ड (DJB) को कड़ी फटकार लगाते हुए सवाल किया कि आखिर अधिकारी कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि नागरिक गंदा और सीवेज मिला पानी पिएं? इस फटकार के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है।
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने शनिवार को प्रेस वार्ता में कहा कि “बीजेपी के चारों इंजन फेल हो चुके हैं। मुख्यमंत्री से लेकर विधायक और मंत्री तक किसी को लोगों की परवाह नहीं है।”
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
दिल्ली हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस अनीश दयाल की पीठ ने पूर्वी दिल्ली में दूषित जल आपूर्ति को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने पूछा कि क्या दिल्ली जल बोर्ड नागरिकों को सीवेज मिला पानी पीने के लिए मजबूर करना चाहता है?
“ऐसे इलाकों में भी गंदा पानी आ रहा है, जहां पहले कभी नहीं आया” – सौरभ भारद्वाज
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि आज दिल्ली में स्थिति इतनी खराब हो गई है कि उन इलाकों में भी गंदा पानी पहुंच रहा है जहां पहले कभी ऐसी समस्या नहीं थी। उन्होंने कहा:
“मेरे खुद के घर में पिछले 8 सालों से कभी गंदा पानी नहीं आया, लेकिन पिछले 15 दिनों से वहां भी सीवर मिला पानी आ रहा है।”
उन्होंने दावा किया कि अपने क्षेत्र की पानी की लाइनों को खुद बदला था, फिर भी अब गंदा पानी आना साबित करता है कि व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।
“शिकायत करने पर पूछा जा रहा – किसको वोट दिया?”
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि कई इलाकों में जब लोग बीजेपी विधायकों के कार्यालय में शिकायत लेकर जाते हैं, तो उनसे यह तक पूछा जाता है कि “तुमने वोट किसे दिया था?” उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवहार पहले कभी नहीं देखा गया और यह लोकतंत्र का मजाक है।
“नई सरकार की रफ्तार बेहद धीमी”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार का ज़्यादातर काम पिछली AAP सरकार द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं पर आधारित है।
“अब तक 95% काम जो जनता देख रही है, वह पिछली AAP सरकार के हैं। नई योजनाओं की शुरुआत अब तक नहीं हो पाई है।”
“लीपापोती से नहीं चलेगी सरकार”
सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी सरकार पर पुरानी योजनाओं को अपना बताकर श्रेय लेने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा:
“न नई बसें आईं, न आरोग्य मंदिर बने। पुराने मोहल्ला क्लीनिकों को पेंट कर के नया बता दिया गया। सिर्फ लीपापोती से सरकार नहीं चलती, ज़मीनी स्तर पर काम करना पड़ेगा।”