पटना, बिहार: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां पर की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में बिहार में सियासी घमासान तेज हो गया है। इसी कड़ी में 4 सितंबर, गुरुवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने बिहार बंद का ऐलान किया है। यह बंद सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक, यानी कुल पांच घंटे के लिए रहेगा।
क्या है बंद की वजह?
यह विरोध प्रदर्शन दरभंगा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान हुई एक घटना के बाद हो रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी की मां के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की गई थी। इस टिप्पणी को भाजपा ने “देश की हर मां का अपमान” बताया है। भाजपा महिला मोर्चा के नेतृत्व में यह बंद शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा, जिसमें राज्य भर में चक्का जाम भी शामिल है।
शांतिपूर्ण रहेगा प्रदर्शन: दिलीप जायसवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने बताया कि यह बंद सुबह 7 बजे से शुरू होगा और दोपहर 12 बजे समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन होगा, जिसका मकसद जनता की भावनाओं को व्यक्त करना है।
आवश्यक सेवाएं रहेंगी जारी
आम जनता को किसी भी तरह की असुविधा से बचाने के लिए बंद के दौरान आपातकालीन सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी। एम्बुलेंस, अस्पताल और अन्य आवश्यक सुविधाएं सामान्य रूप से काम करती रहेंगी। इसके अलावा, रेल परिचालन सहित अन्य आवश्यक सेवाएं भी बंद के दौरान अप्रभावित रहेंगी।
यह बंद बिहार में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकता है, खासकर आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर। भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है, जबकि विपक्ष इसे भाजपा की राजनीतिक चाल बता रहा है।