भाजपा नेता की गुंडई, ग्रामीणों ने नेताजी को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

hapur police

हापुड़: हापुड़ जिले के ब्रजघाट क्षेत्र में खनन माफिया के तौर पर कुख्यात एक कथित भाजपा नेता की दबंगई आखिरकार ग्रामीणों पर भारी पड़ गई। बुधवार रात गावड़ी गांव में ग्रामीणों ने उक्त नेता को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और उसकी गुंडागर्दी का मुंहतोड़ जवाब दिया।

अवैध खनन और गुंडागर्दी से परेशान थे ग्रामीण

गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र के खिलवाई गांव निवासी यह कथित भाजपा नेता लंबे समय से ब्रजघाट में अवैध मिट्टी खनन के कार्य में लिप्त बताया जा रहा है। उसके साथ खनन से जुड़े कई अन्य लोग भी सक्रिय हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बुधवार रात डंपर के तेज रफ्तार से गांव में एक महिला बाल-बाल बच गई। जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया, तो चालक ने पूरी घटना की सूचना नेता को दी।

फायरिंग और अभद्रता के बाद ग्रामीणों का पलटवार

सूचना मिलने के कुछ ही देर में उक्त नेता अपने साथियों के साथ गावड़ी गांव पहुंचा और गाली-गलौज व धमकी देने लगा। ग्रामीणों द्वारा विरोध करने पर कथित खनन माफिया ने अपने साथियों के साथ मिलकर फायरिंग कर दी, जिससे गांव में दहशत फैल गई। इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी और लाठी-डंडों से नेता व उसके साथियों की जमकर धुनाई कर दी।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को बचाया

घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के चंगुल से आरोपी नेता व उसके एक साथी को किसी तरह बचाया। इस दौरान कई आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग निकले। वहीं, मौके पर खनन में लगे अन्य लोग भी अपने वाहनों समेत फरार हो गए।

पहले भी लगे हैं गंभीर आरोप

यह पहली बार नहीं है जब इस कथित भाजपा नेता पर आरोप लगे हों। एक सप्ताह पूर्व मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र के गोकुलपुर निवासी तैमूर ने डीएम को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि इस नेता ने उसकी पोकलेन मशीन को जबरन कब्जे में ले लिया था। इतना ही नहीं, ऑपरेटर नाजिम को बंधक बनाकर अवैध खनन में मशीन का उपयोग किया गया। विरोध करने पर मारपीट की गई और पुलिस ने भी पीड़ित की बजाय आरोपियों का साथ दिया था।

प्रशासन पर उठे सवाल

इस पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी नेता के इशारों पर पुलिस काम करती है, जिसकी वजह से अब तक उस पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, ग्रामीणों के विरोध के बाद अब प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है कि आरोपी के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।

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