भोपाल: कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ ने करारा पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि देश में ‘वोट चोरी’ की शुरुआत सबसे पहले कांग्रेस ने ही की थी. इसके साथ ही, धनखड़ ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का पुरजोर समर्थन करते हुए दावा किया कि इस व्यवस्था से देश के करीब 10 लाख करोड़ रुपये बचेंगे.
बीजेपी पूरे देश में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के समर्थन में प्रबुद्धजन संवाद कार्यक्रम आयोजित कर रही है. इसी कड़ी में शनिवार को भोपाल में एक कार्यशाला का आयोजन हुआ. इसमें ओमप्रकाश धनखड़ के अलावा भोपाल सांसद आलोक शर्मा और इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी हिस्सा लिया और बुद्धिजीवियों से संवाद किया.
‘विकसित भारत’ के लिए जरूरी ‘एक देश, एक चुनाव’
कार्यशाला को संबोधित करते हुए ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को पाने के लिए ‘एक देश, एक चुनाव’ बेहद जरूरी है. उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली कमेटी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि इससे न सिर्फ चुनावी खर्च में कमी आएगी, बल्कि देश के नागरिकों के कार्य दिवस भी बचेंगे. उनके अनुसार, इससे लगभग 2 लाख 18 हजार करोड़ रुपये की बचत होगी. इसके अलावा, आचार संहिता के 40 दिनों में होने वाले आर्थिक नुकसान को भी रोका जा सकेगा, जिससे करीब 8 लाख करोड़ रुपये की बचत का अनुमान है.
राहुल गांधी की ‘वोट चोरी यात्रा’ पर किया हमला
धनखड़ ने राहुल गांधी की ‘वोट चोरी यात्रा’ पर भी तीखी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास रहा है कि जब भी चुनावी नतीजे उनके पक्ष में नहीं आते, वे संवैधानिक संस्थानों पर सवाल उठाना शुरू कर देते हैं. उन्होंने सरदार पटेल का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा वोट मिले थे, लेकिन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू बने.
राजीव गांधी की हत्या के बाद के चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय चुनाव टाला जाना चाहिए था, लेकिन तीन सप्ताह के भीतर ही चुनाव करवा दिए गए, जिससे परिणाम प्रभावित हुए. उन्होंने कांग्रेस पर घुसपैठियों के वोट के सहारे सरकार बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वोट का अधिकार सिर्फ भारत के मूल निवासियों को ही मिलना चाहिए.