लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य के ज्यादातर इलाके जलमग्न हो चुके हैं और मंगलवार तक 22 जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इन जिलों के 607 गांवों में रहने वाले 1,41,169 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। राहत और बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन नदियों का बढ़ता जलस्तर प्रशासन की चिंता बढ़ा रहा है।
सपा ने लगाए ‘भ्रष्टाचार’ के आरोप
इस प्राकृतिक आपदा के बीच, समाजवादी पार्टी (सपा) ने प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर एक पोस्ट में लिखा गया, “पूरा उत्तर प्रदेश इस वक्त भयंकर बाढ़ और जल-जमाव से परेशान है। कहां है वह ‘स्मार्ट सिटी’ की व्यवस्था जिसके दावे भाजपा सरकार करती है?”
सपा ने आरोप लगाया कि नाला सफाई और ड्रेनेज के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। पोस्ट में कहा गया, “पूरे उत्तर प्रदेश में भाजपा के भ्रष्टाचार के परिणामस्वरूप मौत का तांडव और तबाही की तस्वीरें देखने को मिल रही हैं। लाखों करोड़ रुपया भाजपा नेता खा गए, भ्रष्टाचार करके डकार गए हैं और जनता मरने को मजबूर है।” पार्टी ने सरकार से मृतकों के परिजनों को तत्काल मुआवजा देने की मांग भी की है।
गंगा फिर उफान पर, बढ़ा खतरा
कुछ दिनों की राहत के बाद, गंगा नदी एक बार फिर उफान पर है। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार को कानपुर बैराज से 3 लाख 84 हजार 939 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह इस मॉनसून सीजन में दूसरा मौका है जब इतनी बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है।
बाढ़ से प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और भोजन व अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। हालांकि, नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर ने राहत कार्यों में मुश्किलें पैदा कर दी हैं।