मुंबई, 28 जून: मशहूर एक्ट्रेस और ‘कांटा लगा’ फेम शेफाली जरीवाला का मुंबई में अचानक निधन हो गया। 42 वर्षीय शेफाली की मौत का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार कार्डियक अरेस्ट (हृदयगति रुकना) को संभावित वजह माना जा रहा है। शेफाली को रात 10:30 बजे मुंबई के बेलेव्यू अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अंधेरी स्थित घर पहुंची पुलिस, जारी है जांच
मौत की खबर मिलते ही मुंबई पुलिस शेफाली के अंधेरी, लोखंडवाला स्थित आवास पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम भी मौके पर मौजूद रही। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटनास्थल से मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट की गाड़ियां भी देखी गईं।
सोसाइटी गार्ड का बयान
शेफाली की बिल्डिंग के सुरक्षा गार्ड ने बताया कि उनके पति पराग त्यागी रात 9 बजे मोटरसाइकिल से सोसाइटी आए थे। इसके बाद रात 10:30 बजे शेफाली को अस्पताल ले जाया गया। गार्ड ने यह भी बताया कि दो दिन पहले ही शेफाली और पराग अपने पालतू कुत्ते के साथ सोसाइटी में टहलते नजर आए थे। “हमें यकीन नहीं हो रहा कि जो कल तक हमारे बीच थी, वो आज नहीं रहीं,” गार्ड ने कहा।
रातभर चली पूछताछ, कुक और मेड से भी सवाल
रात करीब 1 बजे पुलिस और फॉरेंसिक टीम शेफाली के घर पहुंची। टीम अभी भी मौके पर मौजूद है और परिजनों से पूछताछ जारी है। जानकारी के अनुसार, शेफाली के घर काम करने वाली कुक और मेड को अंबोली पुलिस स्टेशन ले जाकर पूछताछ की गई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
शेफाली का शव रात 12:30 बजे अंधेरी के कूपर अस्पताल भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण की पूरी पुष्टि हो पाएगी।
‘बिग बॉस 13’ की कंटेस्टेंट थीं शेफाली
शेफाली जरीवाला को ‘कांटा लगा’ गाने से साल 2002 में जबरदस्त लोकप्रियता मिली थी, जिससे वह ‘कांटा लगा गर्ल’ के नाम से मशहूर हो गईं। इसके बाद वह कई म्यूजिक वीडियो में नजर आईं और ‘बिग बॉस 13’ की चर्चित कंटेस्टेंट भी रहीं। उल्लेखनीय है कि ‘बिग बॉस 13’ से जुड़े सिद्धार्थ शुक्ला की भी मृत्यु कार्डियक अरेस्ट के चलते हुई थी।
क्या होता है कार्डियक अरेस्ट?
कार्डियक अरेस्ट एक ऐसी स्थिति होती है जब दिल की धड़कन अचानक रुक जाती है और शरीर के अंगों को रक्त का संचार बंद हो जाता है। यह मेडिकल इमरजेंसी होती है जिसमें तुरंत इलाज न मिलने पर व्यक्ति की जान चली जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड-19 महामारी के बाद से ऐसे मामलों में तेजी आई है।