जैसलमेर, राजस्थान: जैसलमेर के डांगरी गांव में हुए खेत सिंह हत्याकांड ने अब एक बड़ा राजनीतिक और सांप्रदायिक रूप ले लिया है। इस मामले में न्याय की मांग को लेकर गुरुवार को डांगरी गांव पूरी तरह से बंद रहा और हजारों की संख्या में लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान, बीजेपी नेता स्वरूप सिंह राठौड़ (खारा) ने इस लड़ाई को “आर-पार की” बताते हुए एक समुदाय विशेष पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे विवाद और गहरा गया है।
‘पाकिस्तान की तरह हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा’
बीजेपी नेता स्वरूप सिंह राठौड़ ने खेत सिंह की हत्या को एक समुदाय विशेष द्वारा हिंदुओं को निशाना बनाने की साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, “जिस तरह पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं, उसी तरह यहां भी एक समुदाय विशेष के लोग हिंदुओं को टारगेट कर रहे हैं।” उन्होंने इस घटना को भविष्य में होने वाले बड़े संकट का एक “परीक्षण” बताया। राठौड़ ने आरोप लगाते हुए कहा कि पहले बासनपीर में छतरियां तोड़ी गईं, फिर मसूरिया में मंदिर को नुकसान पहुंचाया गया और अब खेत सिंह की निर्मम हत्या कर दी गई है। उन्होंने इन घटनाओं को एक ही साजिश का हिस्सा बताया।
‘अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाएं, वरना जनता खुद करेगी कार्रवाई’
राठौड़ ने हत्या के साथ-साथ सरकारी जमीनों पर अवैध अतिक्रमण का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक समुदाय विशेष के लोग ओरण-गोचर भूमि पर बड़े बंगले, मस्जिदें और ट्यूबवेल बनाकर करोड़ों रुपये कमा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल इन अवैध ढांचों पर बुलडोजर चलाने की मांग की। राठौड़ ने चेतावनी दी, “अगर समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो जनता खुद ही इसे तोड़ने का मन बना चुकी है।” उन्होंने साफ किया कि जब तक यह “आर-पार की लड़ाई” नहीं हो जाती, तब तक लोग अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे।
इलाका पुलिस छावनी में तब्दील
हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी है। जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, पाली और जालोर सहित कई जिलों से करीब 1000 पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात है ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके। हालांकि, बीजेपी नेता के इस बयान के बाद इलाके में तनाव और भी बढ़ गया है।