सतना: मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कई नेता और कार्यकर्ता सत्ता के नशे में चूर नजर आ रहे हैं। हाल ही में एक बीजेपी नेता पर एक युवती के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा है। पीड़िता ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उसके बाद भी आरोपी का वर्चस्व कम नहीं हुआ।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि पूर्व बीजेपी जिलाध्यक्ष सतीश शर्मा ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया। 24 अप्रैल को उसने कोलगवां थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पार्टी ने सतीश शर्मा को पद से हटा दिया और उसे निष्कासित कर दिया। हालांकि, उसके समर्थक लगातार पीड़िता को धमकाते रहे और सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीरें और वीडियो साझा कर अभद्र टिप्पणियां कीं।
पीड़िता की पहचान उजागर
सतीश शर्मा के समर्थकों ने पीड़िता की पहचान उजागर करने का गैरकानूनी कार्य किया, जिससे वह बेहद परेशान हो गई। अंततः, पीड़िता ने आत्महत्या का प्रयास किया और नींद की कई गोलियां खा लीं। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
कोलगवां थाने के टीआई सुदीप सोनी ने बताया कि पुलिस ने युवती की फोटो और वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है।
पुलिस की कार्रवाई
हालांकि, एफआईआर होने के बावजूद सतीश शर्मा को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। पीड़िता और उसके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं, जिससे उनकी सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
इस मामले ने मध्यप्रदेश में बीजेपी की छवि को धूमिल किया है और पार्टी के भीतर के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता को उजागर किया है।