बोटाद (गुजरात): आम आदमी पार्टी (AAP) ने गुजरात में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि आधी रात के बाद किसान नेता की गिरफ्तारी कर विपक्षी खेमे में दहशत पैदा करने की कोशिश की जा रही है। सौराष्ट्र के बोटाद में हुई इस कार्रवाई के बाद AAP ने 12 अक्टूबर को किसान महापंचायत की तैयारी की है।
गिरफ्तारी का मामला
AAP ने अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया है कि गुजरात पुलिस ने किसानों के हक में आवाज उठाने वाले नेता को रात करीब तीन बजे गिरफ्तार किया। पार्टी का कहना है कि भाजपा के शासनकाल में किसानों के हक की आवाज उठाने वाले लोगों को जेल की सजा भुगतनी पड़ती है।
किसान महापंचायत की घोषणा
सौराष्ट्र के बोटाद में पुलिस की कार्रवाई से आक्रोशित AAP ने रविवार को शाम 5 बजे किसान महापंचायत की घोषणा की है। पार्टी के किसान प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राजू को शुक्रवार रात बोटाद की स्थानीय पुलिस ने हिरासत में लिया था। वे किसानों को उनकी कपास की उपज का उचित मूल्य न मिलने के मामले में धरना दे रहे थे।
AAP का सवाल: क्या किसानों के हक में खड़ा होना गुनाह?
AAP ने राजू भाई कारपड के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को गलत बताते हुए कहा कि उनकी गलती केवल इतनी है कि उन्होंने किसानों के हक की लड़ाई लड़ी। पार्टी का कहना है कि कपास के किसानों के लिए सही दाम की मांग करने वाले नेता को गुजरात पुलिस ने जेल भेज दिया।
केजरीवाल का बयान
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और AAP के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले पर बयान दिया। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “गुजरात में जो किसानों के साथ खड़ा होगा, भाजपा उसकी आवाज कुचल देगी। लेकिन याद रखिए, सच्चाई को जेल में बंद नहीं किया जा सकता। किसानों की लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है।”
गुजरात की जनता का गुस्सा
AAP की गुजरात इकाई के महासचिव मनोज सोराठिया ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने रात के तीन बजे किसान नेता को धरना स्थल से उठाकर ले गई। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि सत्ता के नशे में उनकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है और गुजरात की जनता भाजपा को माफ नहीं करेगी।
कपास की कीमतों का मुद्दा
गुजरात के किसानों ने शिकायत की है कि उन्हें कपास का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बारिश में फसल गीली होने का बहाना बनाकर कीमत 1300 रुपये प्रति 20 किलो से घटाकर 1150 रुपये कर दिया गया है।
इस प्रकार, AAP ने किसानों के हक की लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है और भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने का निर्णय लिया है।