जयपुर: राजस्थान की राजनीति इन दिनों उबाल पर है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व सीएम अशोक गहलोत के बीच बयानबाजी तेज हो गई है, जिससे सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। इसी बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर एक नया ट्रेंड ‘भजनलाल को हटाओ, राजस्थान बचाओ’ वायरल हो गया है, जिसने राजनीतिक पारा और चढ़ा दिया है।
सोशल मीडिया पर भजनलाल को हटाओ ट्रेंड से सियासी भूचाल
बीती रात करीब 9 बजे से शुरू हुआ यह ट्रेंड तेजी से वायरल होने लगा और सुबह 5:30 बजे तक करीब 3.75 लाख पोस्ट किए जा चुके थे। इसके साथ ही एक और हैशटैग ‘भजनलाल इस्तीफा दो’ भी ट्रेंड करता नजर आया। कांग्रेस इस ट्रेंड को आमजन की आवाज बता रही है, तो वहीं बीजेपी इसे कांग्रेस द्वारा प्रायोजित ‘फेक मुहिम’ करार दे रही है।
कांग्रेस: “यह सोशल मीडिया ट्रेंड नहीं, आमजन की आवाज है”
कांग्रेस के प्रदेश महासचिव स्वर्णिम चतुर्वेदी ने ‘नवभारत टाइम्स’ से बातचीत में कहा,
“यह सोशल मीडिया ट्रेंड आम लोगों की पीड़ा है। राजस्थान की जनता बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से जूझ रही है। यही कारण है कि जनता अब खुद सोशल मीडिया के जरिए अपनी आवाज उठा रही है।”
कांग्रेस ने इस ट्रेंड को राज्य की जनभावनाओं से जोड़ते हुए भजनलाल सरकार पर जनविरोधी नीतियों का आरोप लगाया है।
बीजेपी का पलटवार: “जनता हमारे साथ, यह पेड ट्रेंड है”
बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा,
“कांग्रेस की राज्य में कोई जमीन नहीं बची है। हाल ही में हुए उपचुनावों में बीजेपी ने 7 में से 5 सीटें और पंचायत राज चुनावों में 35 में से 27 सीटें जीतकर जनता का विश्वास प्राप्त किया है। कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए अब वह पेड ट्रेंड चलवाकर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है।”
भाजपा ने जवाब में सोशल मीडिया पर ‘भजनलाल है तो भरोसा है’ नाम से एक हैशटैग अभियान भी शुरू कर दिया है।