पटना, 28 जून: बिहार की राजनीति में विधानसभा चुनाव 2025 से पहले बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को उस समय करारा झटका लगा जब जहानाबाद के वरिष्ठ नेता और प्रभावशाली चेहरा डॉ. अजीत यादव ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। डॉ. यादव ने शुक्रवार को पटना स्थित बीजेपी कार्यालय में करीब 300 समर्थकों के साथ पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
डॉ. अजीत यादव ने RJD पर लगाए गंभीर आरोप
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल की मौजूदगी में पार्टी में शामिल होते हुए डॉ. अजीत यादव ने राष्ट्रीय जनता दल पर गहरे आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “मेरे पिता सुरेश यादव और मैंने वर्षों तक RJD की सेवा की, लेकिन पार्टी ने कभी हमें वो सम्मान नहीं दिया, जिसके हम हकदार थे। मुझे RJD में कोई भविष्य नहीं दिखा। वहीं BJP ने मुझे और मेरे समर्थकों को ससम्मान स्वीकार किया।”
जहानाबाद में था भव्य कार्यक्रम का प्रस्ताव
डॉ. यादव ने बताया कि मूलतः यह कार्यक्रम जहानाबाद में बड़े पैमाने पर आयोजित होना था, लेकिन BJP जिला उपाध्यक्ष सोहन प्रसाद उर्फ कक्कू जी के आकस्मिक निधन के चलते कार्यक्रम को पटना शिफ्ट किया गया। उन्होंने इस दौरान कक्कू जी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
जहानाबाद की राजनीति में मजबूत पकड़
डॉ. अजीत यादव केवल RJD के वरिष्ठ नेता ही नहीं, बल्कि एक सफल उद्योगपति और सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। युवाओं में उनकी लोकप्रियता और क्षेत्र में उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ के चलते भाजपा को आगामी चुनाव में जहानाबाद और आस-पास के क्षेत्रों में बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।
तेजस्वी यादव को बड़ा सियासी झटका
जहां एक ओर तेजस्वी यादव पार्टी को संगठित करने और 2025 विधानसभा चुनाव के लिए तैयारियों में जुटे हैं, वहीं डॉ. अजीत यादव जैसे मजबूत नेता का पार्टी छोड़कर जाना RJD के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। यह घटनाक्रम राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रहा है।