दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविंद कुंजाम और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यकर्ता संतोष महापात्र के बेटे के बीच हुए विवाद ने देर शाम जमकर हंगामा खड़ा कर दिया। रेलवे फाटक के पास हुए मामूली विवाद के बाद, बीजेपी नेता के समर्थकों ने संघ कार्यकर्ता के घर पर पहुंचकर तोड़फोड़ और गाली-गलौज की।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
यह घटना रविवार दोपहर की है। दंतेवाड़ा के रेलवे फाटक के पास भाजपा नेता और जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविंद कुंजाम की गाड़ी और संघ कार्यकर्ता संतोष महापात्र के बेटे आशु के वाहन के बीच ओवरटेक करने को लेकर तीखी बहस हो गई। इस बहस का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। शुरुआती तौर पर वहां मौजूद लोगों ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया था।
समर्थकों ने किया हंगामा और तोड़फोड़
विवाद की जानकारी मिलने के बाद देर शाम को जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविंद कुंजाम के समर्थक, जिनकी संख्या 50 से अधिक बताई जा रही है, संतोष महापात्र के घर पहुंच गए। उन्होंने घर का मुख्य द्वार तोड़ दिया और जमकर गाली-गलौज की। संतोष महापात्र का घर थाने से महज 200 मीटर की दूरी पर है।
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। यह घटना पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी रही।
पुलिस ने दर्ज नहीं किया केस
हालांकि, इस पूरे मामले में पुलिस ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है। पुलिस ने कहा कि दोनों पक्षों की ओर से कोई शिकायत या आवेदन नहीं दिया गया है, इसलिए कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने दी सफाई
इस घटना पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविंद कुंजाम ने सफाई देते हुए कहा कि वह बाढ़ पीड़ितों की मदद करने गए थे और उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। जब उन्हें घटना के बारे में पता चला तो वह मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि जो कुछ भी हुआ, वह नहीं होना चाहिए था।
यह घटना स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक तनाव का कारण बन रही है, और यह दिखाती है कि कैसे एक छोटा सा विवाद भी बड़े हंगामे का रूप ले सकता है।