भोपाल, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर आदिवासियों को जबरन हिंदू बनाने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी और आरएसएस अगर आदिवासियों को हिंदू बनाना चाहते हैं, तो उनमें हिम्मत है तो उनकी पारंपरिक पूजा पद्धतियों को बंद करके दिखाएं।
क्या है सिंघार का बयान?
उमंग सिंघार ने अपने बयान में कहा, “यह मेरी स्पष्ट मान्यता और आस्था है। आदिवासी समाज के अपने रीति-रिवाज, संस्कृति और प्रकृति से जुड़े नियम हैं। अगर आदिवासी समाज अपनी संस्कृति और परंपराओं की बात करता है तो बीजेपी को बुरा क्यों लगता है?” उन्होंने दावा किया कि इतिहास गवाह है कि इस देश के मूल निवासी आदिवासी ही हैं।
सिंघार ने बीजेपी और आरएसएस पर सवाल उठाते हुए कहा, “आरएसएस हमें प्रकृति की पूजा से क्यों रोकना चाहती है? हम फसलों और पेड़-पौधों की पूजा करते हैं, तो बीजेपी को क्या दिक्कत है?” उन्होंने आगे कहा कि वह हिंदू धर्म का अनादर नहीं कर रहे हैं, लेकिन बीजेपी अपने राजनीतिक एजेंडे को थोपना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी में कोई भी आदिवासी नेता शीर्ष पद पर नहीं पहुंचा है और आरएसएस ने भी आज तक किसी आदिवासी को सरसंघचालक नहीं बनाया है।
‘जनजातीय संस्कृति को बचाने का अधिकार’
सिंघार ने जोर देकर कहा कि हर समाज को अपनी सामाजिक और सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने और बचाने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि बीजेपी हमेशा असली मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाती है। उन्होंने बीजेपी और आरएसएस को चुनौती देते हुए कहा, “अगर दम है तो मध्य प्रदेश के आदिवासियों के पास जाओ और समझाओ कि वे अपनी पूजा बंद कर दें।”
यह बयान आदिवासी समुदाय के बीच बीजेपी और कांग्रेस के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान को और बढ़ा सकता है। बीजेपी ने अभी तक इस आरोप पर सीधे तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके ने सिंघार के बयान पर कहा, “आदिवासी आदिदेव महादेव के वंशज हैं।”