पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सियासी गर्मी तेज होती जा रही है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी ने महिला मतदाताओं को साधने के लिए एक नई योजना की घोषणा की है, जिसे ‘माई-बहिन मान योजना’ नाम दिया गया है। इस योजना के तहत राज्यभर में 5 लाख सेनेटरी पैड का वितरण किया जाएगा। लेकिन इस पहल के साथ ही कांग्रेस एक नए विवाद में घिरती नजर आ रही है।
राहुल गांधी की तस्वीर वाला पैड? सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
कांग्रेस द्वारा शुरू की गई इस योजना के अगले ही दिन सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि वितरित किए जा रहे सेनेटरी पैड्स पर राहुल गांधी की तस्वीर छपी हुई है। विशेषकर एक्स पर यह वीडियो खूब शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो के सामने आते ही राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
बीजेपी ने बताया महिलाओं का अपमान
बीजेपी ने इस वायरल वीडियो के बहाने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। बीजेपी नेताओं ने इसे “महिलाओं की गरिमा के खिलाफ” बताते हुए कहा कि यह महिला वोटरों का अपमान है। उन्होंने राहुल गांधी की मंशा पर भी सवाल खड़े किए और कांग्रेस पर वोटबैंक की घटिया राजनीति** करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस का पलटवार: वीडियो को बताया फर्जी
विवाद बढ़ता देख कांग्रेस ने स्थिति स्पष्ट करने के लिए अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से एक वीडियो जारी किया। कांग्रेस नेता अलका लांबा ने साफ किया कि “वास्तविक सेनेटरी पैड पैकेट्स पर राहुल गांधी की कोई तस्वीर नहीं है।” उन्होंने वायरल वीडियो को एडिटेड और भ्रामक बताया।
सुप्रिया श्रीनेत का बयान: ‘सोची-समझी साजिश है’
कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी इस मामले पर बयान देते हुए इसे एक “सोची-समझी साजिश” करार दिया। उन्होंने कहा, “बीजेपी इतनी गिर चुकी है कि महिलाओं की पीरियड सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर भी फेक न्यूज फैला रही है। बहनों-बेटियों की मदद करने की बजाय बीजेपी ने घटिया राजनीति का रास्ता चुना है।” उन्होंने चेतावनी दी कि वीडियो फैलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्या है ‘माई-बहिन मान योजना’?
कांग्रेस द्वारा शुरू की गई ‘माई-बहिन मान योजना’ के अंतर्गत राज्य की ग्रामीण और गरीब महिलाओं में पीरियड हाइजीन के प्रति जागरूकता फैलाने का लक्ष्य है। कांग्रेस का दावा है कि यह पहल स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।